छतरपुर में फर्जी अतिथि शिक्षक नियुक्ति मामला, दो प्रभारी प्राचार्य निलंबित
सागर संभाग में फर्जी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति और मानदेय भुगतान के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। संभागायुक्त सागर द्वारा छतरपुर जिले के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चंद्रनगर में पदस्थ दो प्रभारी प्राचार्यों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर छतरपुर से प्राप्त शिकायत एवं जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई।
जांच में सामने आया कि दो व्यक्तियों की नियुक्ति अतिथि शिक्षक के रूप में नियमों के विपरीत की गई थी। संबंधित अभ्यर्थियों के नाम विद्यालय के स्वीकृत पैनल में शामिल नहीं थे, इसके बावजूद तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य द्वारा उनका चयन कर लिया गया। इतना ही नहीं, विद्यालय में अध्यापन कार्य नहीं करने के बावजूद उनकी उपस्थिति दर्ज की गई और शासन की संचित निधि से मानदेय भुगतान भी कराया गया।
जांच प्रतिवेदन में इस पूरे मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता माना गया है। साथ ही यह भी पाया गया कि आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण एवं सत्यापन किए बिना भुगतान प्रक्रिया पूरी कर दी गई। प्रशासनिक लापरवाही और वित्तीय गड़बड़ी सामने आने के बाद दोनों अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
बताया गया है कि अधिकारियों का आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत पाया गया। इसके चलते मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग में अतिथि शिक्षक भर्ती को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग द्वारा विकसित AI आधारित Education Portal 3.0 के माध्यम से स्वीकृत पदों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही है। इसके बावजूद प्रदेश में समय-समय पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रहती हैं। इसे लेकर प्रशासन भी सख्त रवैया अपनाता है और समय समय पर ऐसे कार्यवाही देखने को मिलती है
