19 जून से शुरू होंगे शिक्षा विभाग के स्थानांतरण आवेदन, 18 जून तक अपडेट होंगी रिक्तियां
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से स्थानांतरण प्रक्रिया का इंतजार कर रहे शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। विभाग अंतर्गत स्वैच्छिक स्थानांतरण के ऑनलाइन आवेदन 19 जून से शुरू होने जा रहे हैं। इसके पहले 18 जून तक विभाग द्वारा पोर्टल पर रिक्त पदों की जानकारी अपडेट कर दी जाएगी, ताकि शिक्षक उपलब्ध रिक्तियों को देखकर आवेदन कर सकें।
शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इस बार स्थानांतरण प्रक्रिया निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही पूरी की जाएगी। विभाग द्वारा पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
90 प्रतिशत से कम ई-अटेंडेंस वालों को नहीं मिलेगा लाभ
इस बार की स्थानांतरण नीति में ई-अटेंडेंस को विशेष महत्व दिया गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार जिन शिक्षकों या कर्मचारियों की ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम पाई जाएगी, उनके स्वैच्छिक स्थानांतरण नहीं किए जाएंगे।
विभाग के इस निर्णय को अनुशासन और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि कई शिक्षक संगठनों द्वारा इस नियम को लेकर चर्चा भी जारी है।
जनगणना ड्यूटी वाले शिक्षकों के नहीं होंगे ट्रांसफर
जिन शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई गई थी, उनके स्थानांतरण नहीं होंगे हालांकि वर्तमान स्थानांतरण नीति में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन DPI के पूर्व आदेशों में ऐसे शिक्षकों के स्थानांतरण पर रोक की बात कही गई थी।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 19 जून से जब ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे, तब ऐसे शिक्षकों के आवेदन पोर्टल पर स्वीकार किए जाते हैं या नहीं।
स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन
इस बार स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है। शिक्षक एवं कर्मचारी निर्धारित तिथियों के भीतर पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के बाद डेटा प्रोसेसिंग, प्रशासनिक अनुमोदन और आदेश जारी करने की प्रक्रिया तय समय के अनुसार होगी।
स्थानांतरण की समय-सारणी
स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होने से प्रदेशभर के हजारों शिक्षक एवं कर्मचारी अपने पसंदीदा स्थान पर पदस्थापना की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अब सभी की नजरें 19 जून से शुरू होने वाली ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।
