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कर्मयोगी ऐप शिक्षकों हेतु प्रशिक्षणों की सूची: जानिए हर महीने के अनिवार्य कोर्स और उनकी डायरेक्ट लिंक
स्कूल शिक्षा विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), मध्य प्रदेश द्वारा सरकारी स्कूल के सभी संवर्ग के शिक्षकों—चाहे वे प्राथमिक शिक्षक हों, माध्यमिक शिक्षक हों या उच्च माध्यमिक शिक्षक—सभी के लिए iGOT कर्मयोगी भारत (Karmayogi Bharat) पोर्टल पर विभिन्न ऑनलाइन प्रशिक्षण कोर्स पूरे करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य शासकीय सेवकों की कार्यक्षमता बढ़ाना, नियमों की सही जानकारी देना और प्रशासनिक दक्षता में सुधार करना है।
विभाग द्वारा जारी आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार, अगस्त से लेकर दिसंबर तक के प्रत्येक महीने के लिए अलग-अलग महत्वपूर्ण कोर्स तय किए गए हैं। इन कोर्सों में सेवा नियमों (Civil Services Rules) से लेकर नई शिक्षा नीति (NEP 2020), साइबर सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षा से जुड़े बेहद जरूरी विषय शामिल हैं। सभी शिक्षकों को निर्धारित समयसीमा के अंदर इन प्रशिक्षणों को पूरा करके अपना सर्टिफिकेट डाउनलोड करना होगा, जिसे संकुल स्तर पर सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज किया जा सकता है।
मासिक प्रशिक्षण कैलेंडर: अपनी सुविधानुसार महीना चुनें
शिक्षकों की सुविधा के लिए हमने विभाग द्वारा तय किए गए सभी विषयों को महीनेवार व्यवस्थित कर दिया है। नीचे दिए गए ड्रॉपडाउन मेनू से उस महीने का चयन करें जिसका कोर्स आप वर्तमान में पूरा करना चाहते हैं:
iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर प्रोफाइल मैपिंग क्यों जरूरी है?
कई शिक्षक साथी शिकायत करते हैं कि उन्हें कोर्स पूरा करने के बाद भी विभाग की प्रगति रिपोर्ट में 'Not Completed' दिखाया जाता है। इसका सबसे बड़ा कारण प्रोफाइल का सही तरीके से सेटअप न होना है। लॉगिन करने के बाद, अपनी प्रोफाइल में जाकर अपना विभागीय नाम (School Education Department), पदनाम (Designation), और राज्य (Madhya Pradesh) का चयन बिल्कुल सही-सही करें। यदि आपकी प्रोफाइल सही ढंग से मैप नहीं होगी, तो आपके द्वारा पूरे किए गए कोर्स का डेटा राज्य स्तर के डैशबोर्ड पर प्रदर्शित नहीं हो पाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले व्यावहारिक सवाल (FAQs) — समाधान और जिज्ञासाएं
Q1. क्या यह प्रशिक्षण सिर्फ नियमित शिक्षकों के लिए है या अतिथि शिक्षकों के लिए भी?
उत्तर: स्कूल शिक्षा विभाग के आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से शासकीय सेवा में कार्यरत नियमित शिक्षकों, संस्था प्रमुखों, संकुल प्राचार्यों और कार्यालयीन स्टाफ के लिए अनिवार्य किया गया है ताकि वे शासकीय नियमों (जैसे अवकाश, यात्रा भत्ता आदि) से भली-भांति परिचित हो सकें।
Q2. कोर्स पूरा होने के कितने समय बाद सर्टिफिकेट जनरेट होता है?
उत्तर: सामान्यतः सभी मॉड्यूल और अंत में दी गई मूल्यांकन प्रश्नोत्तरी (Assessment Quiz) को न्यूनतम पासिंग मार्क्स के साथ पूरा करते ही सर्टिफिकेट तुरंत डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाता है। सर्वर डाउन होने की स्थिति में इसमें 24 से 48 घंटे का समय भी लग सकता है।
Q3. यदि हम तय महीने में उस महीने का कोर्स पूरा नहीं कर पाए तो क्या होगा?
उत्तर: यद्यपि विभाग प्रत्येक महीने की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा जिला स्तर पर करता है, लेकिन यदि किसी कारणवश (जैसे बीमारी या चुनाव ड्यूटी) कोई कोर्स छूट जाता है, तो आप उसे अगले महीने भी लिंक के माध्यम से पूरा कर सकते हैं। हालांकि, वरिष्ठ कार्यालय की कार्रवाई से बचने के लिए समय पर कोर्स करना ही उचित है।
Q4. 'Assessment' यानी मूल्यांकन प्रश्नोत्तरी में फेल होने पर क्या दोबारा मौका मिलता है?
उत्तर: जी हाँ, iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर यदि आप पहली बार में आवश्यक अंक प्राप्त नहीं कर पाते हैं, तो आपको 'Re-attempt' (पुनः प्रयास) का विकल्प मिलता है। आप मॉड्यूल के वीडियो और पाठ्य सामग्री को दोबारा पढ़कर परीक्षा दे सकते हैं।
निष्कर्ष और अंतिम सुझाव
डिजिटल युग में इस तरह के प्रशासनिक और शैक्षणिक प्रशिक्षण हमारी कार्यशैली को पारदर्शी और मजबूत बनाते हैं। म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 या अवकाश नियम 1977 जैसे कोर्स केवल एक औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि ये हर सरकारी कर्मचारी के दैनिक सेवाकाल में काम आने वाले व्यावहारिक कानून हैं। इसलिए, सभी शिक्षक साथी अंतिम तारीखों के दबाव से बचने के लिए प्रति सप्ताह एक-एक मॉड्यूल पूरा करने का लक्ष्य बनाएं।
